यह शाबर मंत्र का टोटका, नेत्र रोगों से मिलेगा छुटकारा
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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि गुरु गोरखनाथ और गुरु मछंदर नाथ इन दोनों को शाबर तंत्र का जनक कहा गया है इन दोनों ने मिलकर ऐसे कई तरह के मंत्रों की रचना की है यदि जिन मंत्रों का उपयोग मनुष्य करता है तो वह अपनी अनेक समस्याओं का समाधान कर सकता है शाबर मंत्र भी ऐसे ही बड़े ही चमत्कारी होते हैं और इसका उपयोग करने वाले की सभी परेशानियां दूर होती हैं इस मंत्र का थोड़े से जप से सिद्ध हो अत्यधिक प्रभाव होता है इन मंत्रों का प्रभाव स्थाई होता है और किसी भी मंत्र से इनकी काट संभव नहीं होती है आपको बता दें कि शाबर मंत्र को किसी भी जाति वर्ग आयु का पुरुष या स्त्री जाप कर सकते हैं और इनकी साधना में किसी गुरु की इतनी जरूरत भी नहीं होती है क्योंकि उनके प्रवर्तक स्वयं सिद्ध साधक रह चुके हैं आज हम आपको इस लेख के माध्यम से शाबर मंत्र का प्रयोग करके आप अपने नेत्र से संबंधित रोगों को किस प्रकार दूर करेंगे इसकी जानकारी देने वाले हैं।
आइए जानते हैं इसके बारे में:-
नेत्र रोग निवारण हेतु:-
भगवान ने मनुष्य के शरीर में सबसे जो अनमोल चीज दी है वह आंख है आंख इंसान की हो या अन्य किसी प्राणी की आंखों की रोशनी के बिना सबका जीवन अंधकार में चला जाता है और किसी को दिखाई देने के पश्चात भी आंखों से संबंधित कई तरह के कष्ट या रोग हो जाते हैं तब व्यक्ति उन रोगों को ठीक करने के लिए कुछ भी कर सकता है यदि किसी व्यक्ति को नेत्र से संबंधित किसी प्रकार का कोई रोग हो गया है और उन्होंने नेत्र रोगों के निदान के लिए लाख कोशिश भी कर चुके हैं परंतु सारी कोशिशें व्यर्थ हो गई है बड़े-बड़े डॉक्टरों को दिखाने के बाद भी आपकी आंखों की परेशानी दूर नहीं हो पाई है तो आप एक बार इस शाबर मंत्र का प्रयोग अवश्य कीजिए निश्चित रूप से ही आपकी नेत्र से संबंधित सभी कष्ट दूर हो जाएंगे।
शाबर मंत्र के प्रयोग करने की विधि:-
आपको इसके लिए काली चौदस को दिन या रात में घर से नहाकर एक नीम की डाली साथ लेकर श्मशान भूमि में जाना होगा श्मशान में एकांत स्थान में ऊन या कंबल के सफेद आसन पर पूर्व दिशा की ओर मुंह करके सुखासन में बैठकर तुलसी चंदन या रुद्राक्ष की माला से शाबर मंत्र की 10 का जप करते हुए आपकी आंख का रोग ठीक हो ऐसी भावना करते हुए इसका जाप कीजिए और नीम की डाली को भी अपने पास ही रखिए जप करते समय पूर्ण मौन रहिए कोई कितनी भी आवाज आपको लगाएं आपको मौन ही रहना होगा जब तक जप संख्या पूरी ना हो जाए आसन से आप बिल्कुल भी ना उठे 10 माला जाप करने पर मंत्र पूर्ण सिद्ध हो जाता है।
शाबर मंत्र:-
ऊँ नमो राम का धनुष लक्षमण का बाण ।
आँख दर्द करें तो लक्षमण कुमार की आन ।।
जप पूरा होने के पश्चात उसी नीम की डाली से जप वाले मंत्र को 21 बार बोलते हुए झाड़ दीजिए कुछ ही समय पश्चात आपका आंखों का रोग हमेशा के लिए दूर हो जाएगा आपकी जानकारी के लिए बता दें की शाबर मंत्र साधना सूर्य ग्रहण चंद्र ग्रहण दशहरा गंगा दशहरा शिवरात्रि होली दीवाली रविवार मंगलवार पर्व काल सूर्य संक्रांति या नवरात्रियों में सबसे ज्यादा प्रभावशाली माना जाता है।